देश का लाल लाल बहादुर शास्त्री
शास्त्री जी को कोटि कोटि नमन
न ही भारी कद काठी थी
न ही 56 इंची से जाना गया ।
न ही किसी रैली में रोया ,
न ही घर छोडा , न ही गृहस्थी से भागा ।
न ही कभी फ़क़ीर होने का दावा किया ।
न ही महंगे वस्त्र पहने ,
न ही अमेरिका में जाकर भीख मॉन्गी ,
न ही किसी अन्य देश के आगे पाकिस्तान को गलत या सही सिद्ध करने का रोना रोया ।
अब किया क्या इस बहादुर जी ने ।
अपनी सैलरी जरुरत से ज्यादा होने पर वापिस मंत्रालय को देदी ।
अन्न की कमी हुयी तो खुद सप्ताह में एक दिन का उपवास आरम्भ किया और जनता ने भी ।
पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर खत्म किया ।
लाहोर तक भारत के कब्जे में पाकिस्तान को कर लिया ।
फिर भी पाकिस्तानियों की हवा टाइट कर दी थी।
-----------------
शास्त्री जी ने 1965 के युद्ध के समय फटी धोती तक पहनी थी, अपने बच्चों का ट्यूशन तक बंद करवा दिया था
और औने गार्डन में फूलों की जगह सब्जिया खुद उगाई थी
शास्त्री जी जैसा प्रधानमंत्री अबतक कोई न हुआ , और शायद भविष्य में इतना ईमानदार प्रधानमंत्री न हो सकेगा ।
भारत स्वाभिमान दल
शास्त्री जी को कोटि कोटि नमन
न ही भारी कद काठी थी
न ही 56 इंची से जाना गया ।
न ही किसी रैली में रोया ,
न ही घर छोडा , न ही गृहस्थी से भागा ।
न ही कभी फ़क़ीर होने का दावा किया ।
न ही महंगे वस्त्र पहने ,
न ही अमेरिका में जाकर भीख मॉन्गी ,
न ही किसी अन्य देश के आगे पाकिस्तान को गलत या सही सिद्ध करने का रोना रोया ।
अब किया क्या इस बहादुर जी ने ।
अपनी सैलरी जरुरत से ज्यादा होने पर वापिस मंत्रालय को देदी ।
अन्न की कमी हुयी तो खुद सप्ताह में एक दिन का उपवास आरम्भ किया और जनता ने भी ।
पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर खत्म किया ।
लाहोर तक भारत के कब्जे में पाकिस्तान को कर लिया ।
फिर भी पाकिस्तानियों की हवा टाइट कर दी थी।
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शास्त्री जी ने 1965 के युद्ध के समय फटी धोती तक पहनी थी, अपने बच्चों का ट्यूशन तक बंद करवा दिया था
और औने गार्डन में फूलों की जगह सब्जिया खुद उगाई थी
शास्त्री जी जैसा प्रधानमंत्री अबतक कोई न हुआ , और शायद भविष्य में इतना ईमानदार प्रधानमंत्री न हो सकेगा ।
भारत स्वाभिमान दल
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