वे तुम्हारे त्योहारों से नफरत करते हैं लेकिन तुम्हारी लड़कियों को पटाने के लिए गरबा खेलते हैं और "जय माता की" तक बोलते हैं ।
• वे तुम्हारे मंदिर और मूर्तियों से नफरत करते हैं । लेकिन तुम्हारी लड़कियाँ पटाने के लिए उन्हीं मंदिरों के पास फूल और प्रसाद तक बेचते हैं ।
• वे तुम्हारी दोस्ती से नफरत करते हैं लेकिन तुम्हारी लड़कियों से दोस्ती करने के लिए हाथ में कलावा और गले में दुर्गा, शिव, हनुमान का लाकेट तक पहन लेते हैं ।
• वे स्वतंत्र विचारों से नफरत करते हैं लेकिन तुम्हारी लड़कियों को फँसाने के लिए उनके सामने खुले विचारों का होने का ढोंग करते हैं ।
• वे तुम्हारी तरक्की से नफरत करते हैं लेकिन फिर भी तुम्हारी लड़कियो और महिलाओं पर नज़र रखने के लिए तुम्हारे घर में नौकरी तक कर लेते हैं ।
• वे तुम्हारी पूरी नसल से नफरत करते हैं लेकिन तुम्हें मार कर सिर्फ तुम्हारी सुंदर लड़कियों को अपने हरम में रखने का ख्वाब पालते हैं ।
• वे पढ़ाई लिखाई से नफरत करते हैं लेकिन तुम्हारी लड़कियाँ पटाने के लिए अच्छे स्कूलों और कालेजों में तुम्हारी लड़कियों के साथ ऐडमिशन लेते हैं ।
• वे तुम्हारी लड़कियों और महिलाओं के लिए इस्लाम के सारे नियम ताक पर रख देते हैं ।
{ अरे !! तुम समझते ही नहीं हो वे लोग अपने ही नबी मोहम्मद को तो आत्मसात करके चलते हैं । }
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