बुधवार, 7 सितंबर 2016

मैं मोदी विरोधी हूँ अथवा हिन्दू विरोधी कार्यो का विरोधी हूँ ?

🚩मित्रों ! पिछले कुछ महिने से कुछ लोग जो अपने को हिन्दू राष्ट्रवादी कहते हैं, मोदी जी को लेकर लिखी गई हमारी पोस्टों पर अनर्गल प्रलाप करते रहते हैं, हमें कहते है कि पिछले साठ वर्षो से चुप क्यों थे, क्यों नहीं कांग्रेस का विरोध किया ?
उन सब मित्रों, को हम बताना चाहेगे कि पिछले 60 वर्ष की तो आप ही बता सकते हो क्योंकि हमें अपने पूर्व जन्म की विस्तृत स्मृति नहीं है, हाँ इस जन्म का पता है, हमारे शरीर की वर्तमान आयु 32 वर्ष हैं, जिसमें से 18 वर्ष संघ कार्य करते हुए हो गये, अर्थात 14 वर्ष की आयु से हम हिन्दुत्व का कार्य कर रहे हैं । और जब से मतदान का अधिकार मिला है, वोट और सर्पोट भाजपा को ही करते आ रहे थे, पर अब नहीं। क्योंकि जब हमारा पी एम गौ मांस भक्षी रोहित बेमुला की याद में गला फाडकर रो सकता है, गौ रक्षको को गुण्डा बता सकता है, गौ रक्षको के विरूद्ध दिशा निर्देश जारी करा सकता है, भाजपा का गौ सेवा प्रकोष्ठ समाप्त करा सकता है, सपा, बसपा, आप, कांग्रेस, राजद के जिहादी गौ मांस भक्षी नेताओं को भाजपा में ला सकता है, गांधी और अम्बेडकर को महान बता सकता हैं, नाथूराम गोडसे के बलिदान को अपमानित कर सकता है, तो भाजपा और कांग्रेस में अन्तर क्या रहा ?

कुछ लोग कहते है कि धैर्य रखें, आपमें धैर्य की कमी है। भाईयों यदि धैर्य की कमी होती तो भाजपा का विरोध हम अब नहीं बल्कि अटल सरकार के समय से कर रहे होते, जब अटल सरकार ने हिन्दू समाज से किये अपने वचनों को तौड़कर विश्वासघात किया था, मांस निर्यात व्याप्त स्तर पर चालू किया था, अरबी भाषा को प्रोत्साहित किया था और संविधान में संशोधन कर समाप्त हो रहे आरक्षण के रोग की समय अवधि को आगे बढ़ाया था, और भी बहुत कुछ हिन्दू विरोधी कार्य किये थे, पर हम शान्त रहें क्योंकि हमें पता था कि अटल जी की सरकार अल्पमत की है, बैशाखी का सहारा है, सक्ता का स्वार्थ छोड़कर हिन्दू हित में ठोस निर्णय लेने का साहस अटल में नहीं था, अन्यथा अगली बार अटल की पूर्ण बहुमत की सरकार बनती।

कुछ कहते है कि यह मोदी की कूटनीति है, संघ पदाधिकारियों ने ये कहा, वो कहा-

मेरठ में आयोजित संघ प्रशिक्षण प्रथम वर्ष के दौरान हमें स्वर्गीय श्री कुप्प सी सुदर्शन से वार्ता करने का अवसर मिला था तो हमने अटल बिहारी वाजपेयी और भारत के सबसे बड़े कत्लखाने अल कबीर के मालिक अतुल सभरवाल के धनिष्ठ सम्बन्धों व मीट व्यापारियों से चन्दे को लेकर चर्चा की थी, तो श्री सुदर्शन जी ने भी बहुत सारी विवशताएँ गिना दी थी।

मोदी जी ने जो गौ रक्षको को गुण्डा बताया है, वो केवल बयान तक सीमित नहीं रखा बल्कि देश के सभी कमिश्नरो को पत्र जारी करा कर गौ रक्षको के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिया है।
इसका कारण समझे
मोदी जी ने अपने भाषण में स्वयं स्वीकार किया है कि उनके कुछ मित्र मांस व्यापारी है, गौ रक्षक गाय रोकेगे तो उन्हें समस्या तो आयेगी ना, इसीलिए ये सब भाषण देना पड़ा, यदि उन्हें मांस माफिया पर भी क्रोध आता तो कोई समस्या न थी।
दूसरा गौ वंश पॉलिथीन क्यों खा रही है ?
क्योंकि आप जैसे राजनेताओं ने गौ चर की भूमि को अपने मित्रों में बांट दिया है, विक्रय कर दिया है पूंजिपतियो के हाथो।

बिहार चुनावो के दौरान आरक्षण बचाने के लिए जान की बाजी लगा दूंगा कहकर हरियाणा में जाट आरक्षण की आग भी मोदी जी ने लगाई है, क्योंकि भाजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में जाटो को आरक्षण देने का वचन देकर उनके बोट लिये थे, बाद में छल किया, अपने वचन से मुकर गये और कांग्रेस के साथ मिलकर हरियाणा को जातिवाद की आग में जला दिया।
और भी बहुत सारे कारण है, जैसे कश्मीर के ऐतिहासिक भवनो व नगरो का इस्लामिकरण करा दिया, जो पापी कांग्रेस न करा पाई वो मोदी ने करा दिया, आज अनन्तनाग को इस्लामाबाद लिखा व बोले जाने लगा हैं।

जिस अम्बेडकर ने हिन्दू धर्म को नष्ट करने की प्रतिज्ञा की, जो अंग्रेजों का सहयोगी था, उसे अपना आदर्श बताया और कहा कि मैं तो बाबा साहब का भक्त हूँ, यही नहीं रूके, अम्बेडकर की नीतियों को सरकारी धन से प्रचारित भी करवाया।

80 % गौ रक्षक गुंडे हैं लेकिन गाये काटने वाले कौन हैं ??
गणेश जी को विघ्न कारक ना बनाएं, विसर्जन से जल दूषित होता है, ठीक है प्रधानमन्त्री जी परन्तु बकर ईद का त्यौहार मनाने के लिए चारों तरफ खून ही खून, हड्डियां, निर्दोष जानवरों की चीखें (गौ माता की भी), बदबू और प्रदूषण फैलाने वालों को कोई सलाह क्यों नहीं दे रहे हो, क्या उनसे डर लगता हैं।
अब हमारा दही हांड़ी त्यौहार इंडियन कानून के अनुसार होगा परन्तु मोहर्रम, खतना, कुरान की जिहादी शिक्षा में कोई आयु सीमा नहीं।
शाहबानो केस में संविधान बदल दिया और हम श्री राम लला जी के मन्दिर के लिए अदालतों में धक्के खा रहे हैं।
उन के धर्मगुरू पर 65 गैर जमानती वारंट हैं शान से घूम रहे हैं और हमारे निर्दोष सन्त को जमानत भी नहीं मिल रही।
*यही है हिंदुओं के लिए अच्छे दिन ?

अभी तक इस्लामिक बैंक की स्वीकृति आदि मुस्लिम हित में साम्प्रदायिक कार्य करके मोदी जी मुस्लिम तुस्टीकरण में डूबे थे अब इसाई तुस्टीकरण में भी चल दिए है।
बौध तुस्टीकरण तो उसी दिन कर दिया जिस दिन उन्होंने बौध सर्किट की स्थापना की।
मोदी जी ये भूल चुके है की हिन्दू भी भारत में रहते है और बहुसंख्यक है उन्होंने ही उन्हें प्रधानमन्त्री बनाया है।

अभी हाल में मलाड, मुम्बई में मुस्लिमों ने हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियां तोड़ी। उन्हें बचाने हिन्दू युवा पहुंचे तो उल्टे पुलिस ने 11 हिन्दू युवाओं को गिरफ्तार करके बुरी तरह मारा पीटा, अमानवीय यातनाएं दी। किसी भी मुस्लिम को गिरफ्तार तक नहीं किया गया।
भाजपा सरकार ने ये बहुत गलत किया, इन गद्दारी के कामों का खामियाजा आने वाले हर चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
खैर मुझे क्या देश धर्म जाये भाड़ में.....
अपुन तो बस ...
सोनिया राहुल मुर्दाबाद।
मोदी लाओ देश बचाओ।

अब सोच समझकर निर्णय कीजिये कि मैं मोदी विरोधी हूँ अथवा हिन्दू विरोधियों का विरोधी हूँ ?

🚩जय श्री राम 🙏🏻👏🏻

-विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल

🚩देश के अमर बलिदानियों के सपनों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत के पुनर्निर्माण के लिए भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर अपना सक्रीय योगदान दें।

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