बुधवार, 28 सितंबर 2016

स्वस्थ और निरोगी जीवन के कुछ टिप्स.

1. चिन्ता/तनाव से जीवन दूर रखिये।

2. प्राकृतिक जीवन अपनायें। हवा जल, सूर्य प्रकाश, बागवानी पैदल घूमना, शाकाहार सेहत के साथी हैं।

3. कांच बिन्दु (ग्लूकोमा) आंख का गंभीर रोग है। इसके उपचार में लापरवाही घातक हो सकती है। इसके लक्षण ज्योति का कम होना आंख में दर्द एवं सर में दर्द होना है।

4. सही बैठने एवं सही खड़े होने की आदत डालें तथा कमर को सदैव सीधा रखने का प्रयास करें।

5. प्रत्येक 5 वर्ष पर तथा चोट लगने पर टिटनेस टॉक्सायड लगवाना चाहिए।

6. खांसी, बुखार या सीने का दर्द लगातार सताए तो डाक्टर से मिलना बहुत जरूरी है। हो सकता है टी.बी. हो।7. मुंह में छाला, गठान, सफेदी इत्यादि की जांच अवश्य करवायें। ये कैंसर का कारण बन सकते हैं।8. पैंतीस वर्ष की उम्र के बाद नियमित वर्ष में एक बार ब्लड, ब्लडप्रेशर, डायबिटीज की जांच अवश्य करवायें। आकस्मिक मौत का यह भी एक कारण हो सकता है।

9. बच्चों को दुर्घटना से बचाने हेतु छत, बालकनी में अकेले न जानें दे एवं जहरीले पदार्थ, छुरी, ब्लेड, चाकू आदि बच्चों की पहुंच में न रहने दें।

10. बच्चों को ज्यादा दूर या नजदीक से न पढ़ने दें, पढ़ने के लिये एक फुट तक की दूरी आदर्श है। यदि इससे बच्चे को दिक्कत होती हो तो आंखों के डाक्टर से चेकअप करायें।

11. दांतों को रात्रि में ब्रश करना सुबह ब्रश करने से ज्यादा आश्वयक है। ब्रश को ऊपर से नीचे एवं घुमाकर करें। ब्रश के बाद अंगुली से मसूढ़ों को दो मिनट तक अवश्य रगड़ें एवं प्रत्येक खान-पान के बाद कुल्ला करें।

12. बच्चों एवं बड़ों को दस्त लगने पर एक लीटर पानी में आठ चम्मच शक्कर, तीन चुटकी नमक, दो चुटकी खाने का सोडा व नींबू का रस डालकर जीवन रक्षक घोल बनाकर मरीज को पिलाते रहें।

13. सुबह जल्दी उठने के साथ व्यायाम या योगासन की आदत डालें। आप पायेंगे किआपके पास स्वास्थ्य और समय दोनों है।

14. अपनी हर कार्य ईमानदारी एवं मेहनत से कर टेंशन से बचें।

15. किसी भी बीमारी में झाड़, फूंक के चक्कर में न पड़ें किसी अच्छे डाक्टर सेउसका इलाज करायें।

16. शराब, बीयर चाहे कम तादाद या अधिक तादाद में लें नुकसान ही पहुंचाती है।

17. जहां तक हो सके बाजार का पानी न पिये उसकी जगह कोई गर्म पेय पी लें।18. बाजार की खुली बिकने वाली चीजें बिना धोयें इस्तेमाल में न लें।

19. आग या तेजाब या तेल से जलने पर तुरन्त ठंडा पानी जलन शांत होने तक डालें।

20. बन्द कमरे में सिगड़ी आग वगैरह जलाकर न सोयें।

21. बिजली के स्विच गीले हाथों से न छुपे।22. नवजात शिशुओं की विशेष सावधानी रखें व ठंड से बचाव करें।

23. नाखूनों में मैल जमा न होने दें और न ही उन्हें बढ़ने दें।

24. आंख में कुछ पड़ जाने पर उसे हर्गिज न मलें। रूमाल के कोने को गीला कर निकाल लें।

25. कुत्ता यदि काट ले तो उस कुत्ते पर दस दिन निगाह रखें। यदि इस बीच कुत्ता गुम हो जाता है या मर जाता है या मार डाला जाती है तो तुरन्त डाक्टर कीसलाह से कुत्ते काटे के इंजेक्शन का पूरा कोर्स लें।

26. मुंहासे से बचने हेतु इसबगोल की भूसी रात में मलाई निकले दूध से सेवन करें एवं चेहरे को नींबू, ग्लिसरीन, गुलाब जल युक्त मिश्रण से सोते समय रूई सेपोछें।

27. हार्ट अटैक एवं पेरालिसिस से बचने हेतु वनस्पति घी, मक्खन, मांस-मछली, अंडे का सेवन न करें एवं नियमित रूप से व्यायाम करें व टेंशन से बचें।

28. बाथरूम में चिकने फर्श न लगवायें एवं साबुन या फिसलन न रहने दें। वृध्दावस्था के फ्रेक्चर प्रायः बाथरूम में ही होते हैं।

29. मुंह के कैंसर से बचने हेतु तम्बाकू को घंटों मुंह में दबाकर न रखें। टेढ़े-मेढ़े दांत जो मुंह में बार-बार घाव बनाते हों तुरन्त ठीक करवायें।

30. कमर दर्द से बचने हेतु फोमदार गद्दों का प्रयोग न करें केवल समतल जगह में पतली गद्दी डालकर सोयें।

31. गर्दन दर्द से बचने हेतु बड़े तकिया का प्रयोग न करें या पतला तकिया लगायें।

32. वस्त्र हमेशा कुछ ढीले पहनें, त्वचा निर्मल एवं स्निग्ध रखें।

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