सोमवार, 26 सितंबर 2016

भगवान से प्यार करो

भक्ति का मार्ग स्वयं के बलिदान का मार्ग है। अपना तन, मन निछावर कर देने पर भक्ति आश्रय सेवा की सार्थकता बनेगी। आसक्ति व अनासक्ति का संबंध किसी वेशभूषा से नहीं है। भगवान से प्यार करो। हरिॐ

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