बुधवार, 28 सितंबर 2016

जब आम पर लगाई कलम बबूल की तो आम कहाँ से होये

जब बोया पेड़ बबूल का आम कहाँ से होये । ये कहावत पुराणी हो चुकी
एकदम नवीनतम् कहावत :- जब आम पर लगाई कलम बबूल की तो आम कहाँ से होये
उपरोक्त का सम्बन्ध शतप्रतिशत बीजेपी की राजनीति से है , जिनके विरुद्ध राष्ट्रभक्त कार्यकर्ता संघर्षरत रहकर बीजेपी को एक मुकाम देते है और सेकड़ो ऐसे कार्यकर्ताओ का कत्ल भी होता है , बीजेपी उन्हीं कातिलों को सत्ता के लिए गले लगाती है , उन्हें संसद , विधायक के टिकट देती है
खाली पिली जबान जोरी करने से पहले बीजेपी सांसदों का बायोडाटा विश्लेषण करें , 70 प्रतिशत हरामजादे से रामजादे बने मिलेंगे
यही काम यूपी चुनाव में होगा , 70 प्रतिशत उम्मीदवार वे होंगे बीजेपी के जिन्हें कल तक बीजेपी हरामजादे कहती थी
क्यों राम का नाम बदनाम करते हो
राम नाम है खुद्दारी का
वचन निभाने के लिए राज त्यागने वाले स्वाभिमानी का
उनके मुंह से नाम राम का अच्छा नहीं लगता
जो राज के लिए वचन पर वचन मिटाते जाते है।

-विश्वजीत सिंह अनंत
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल

🚩देश के अमर बलिदानियों के सपनों के स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत के पुनर्निर्माण के लिए भारत स्वाभिमान दल के सदस्य बनकर अपना सक्रीय योगदान दें।

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