करीना कपूर खान द्वारा अपने बेटे का नाम इस्लामिक आतंकवादी *'तैमुर'* के नाम पर रखे जाने से कम से कम आज इस नाम के साथ भुला दिए गये हरियाणा के शूरवीर योद्धा श्रद्धेय *हरवीर सिंह गुलिया* तो देशवासियो के दिलो में जीवित हुए, जिन्होंने तैमूर लंगड़े की छाती में भाला ठोक कर उसके आतंक को समाप्त किया था।
आज देर से सही पर शीश झुकाकर कोटि कोटि नमन है उस परम योद्धा को जिसने भारतीय आन बान और शान का मस्तक ऊँचा किया।
उपप्रधान सेनापति हरबीर सिंह जी का गोत्र गुलिया था, जो उनके नाम के साथ जुड़ा हैं। यह हरयाणा के जिला रोहतक गांव बादली के रहने वाले थे। उनकी आयु 22 वर्ष की थी और उनका वजन 56 धड़ी (7 मन) था। यह निडर एवं शक्तिशाली वीर योद्धा था।......
उप-प्रधानसेनापति हरबीरसिंह गुलिया ने अपने पंचायती सेना के 25,000 वीर योद्धा सैनिकों के साथ तैमूर के घुड़सवारों के बड़े दल पर भयंकर धावा बोल दिया जहां पर तीरों* तथा भालों से घमासान युद्ध हुआ।
```इसी घुड़सवार सेना में तैमूर भी था। हरबीरसिंह गुलिया ने आगे बढ़कर शेर की तरह दहाड़ कर तैमूर की छाती में भाला मारा जिससे वह घोड़े से नीचे गिरने ही वाला था कि उसके एक सरदार खिज़र ने उसे सम्भालकर घोड़े से अलग कर लिया।``` (तैमूर इसी भाले के घाव से ही अपने देश समरकन्द में पहुंचकर मर गया)। वीर योद्धा हरबीरसिंह गुलिया पर शत्रु के 60 भाले तथा तलवारें एकदम टूट पड़ीं जिनकी मार से यह योद्धा अचेत होकर भूमि पर गिर पड़ा।```
भारत के इतिहास के पन्नो से ।
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