सनातन संस्कृति संघ रजि.
संस्कृति को मिटानेवाले कम्युनिस्ट और बहुराष्ट्रीय कंपनियां है जिनके पास इतना धन है कि वे किसी भी देश की सरकार को खरीद सकते है. इस लिए किसी राजनीतिक पार्टी के द्वारा संस्कृति कि रक्षा हो जायेगी यह भ्रम है. सब नेता पैसे के लिए राजनीति में जाते है. उनको पैसा मिल जाए और पैसा कमाने के लिए सत्ता मिल जाए तो वे कुछ भी करने को तैयार हो जाते है. संस्कृति की रक्षा हमें करनी पड़ेगी. हम लोग जो उनकी कूटनीति से हताश हो चुके है उससे फिर अपने मूल स्तर पर आने के लिए प्रयत्नशील रहेंगे तभी संस्कृति बचेगी. पहले तो हिंदुओं को सच्चे अर्थमें हिंदू बनाना पड़ेगा. जब वे कहने भर को हिंदू रहेंगे और उनके जीवन में हिंदुत्व नहीं होगा याने वे संस्कृति परिवर्तन के शिकार हो जायेंगे तो उनकी रक्षा भगवान भी नहीं कर सकते. धर्मो रक्षति रक्षितः
फिर भी जो पार्टी के शीर्ष नेता कम्युनिस्ट से जुड़े है और ईसाई मिशनरियों कि कठपुतली बने हुए है उनकी अपेक्षा जो नेता राष्ट्रवादी है वे अधिक उत्तम है.
-विश्वजीत सिंह अनंत (श्री चैतन्य शिव)
सनातन संस्कृति संघ/भारत स्वाभिमान दल
भारत के परमवैभव हेतु समर्पित। राष्ट्रीय अध्यक्ष - राष्ट्रीय सनातन पार्टी
गुरुवार, 10 नवंबर 2016
संस्कृति की रक्षा हमें स्वयं करनी होगी
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