रविवार, 30 अक्टूबर 2016

दीपावली पर एक दिया ऐसा भी हो

एक दिया ऐसा भी हो,
जो भीतर तक प्रकाश करे,

एक दिया मुर्दा जीवन में,
फिर आकर कुछ श्वास भरे,

एक दिया सादा हो इतना,
जैसे सरल साधु का जीवन,

एक दिया इतना सुन्दर हो,
जैसे देवों का उपवन,

एक दिया जो भेद मिटाये,
क्या तेरा -क्या मेरा है,

एक दिया जो याद दिलाये,
हर रात के बाद सवेरा है,

एक दिया उनकी खातिर हो,
जिनके घर में दिया नहीं ,

एक दिया उन बेचारों का,
जिनको घर ही दिया नहीं,

एक दिया सीमा के रक्षक,
अपने वीर जवानों का,

एक दिया मानवता – रक्षक,
चंद बचे इंसानों का !

एक दिया विश्वास दे उनको ,
जिनकी हिम्मत टूट गयी ,

एक दिया उस राह में भी हो ,
जो कल पीछे छूट गयी

एक दिया जो अंधकार का ,
जड़ के साथ विनाश करे ,

एक दिया ऐसा भी हो ,
जो भीतर तक प्रकाश करें।

दीपक की पवित्र ज्योति आपको और आपके परिवार को हमेशा आलोकित करती रहे🙌       

उत्तर से उन्नति,
दक्षिण से दायित्व ,
पूर्व से प्रतिष्ठा,
पश्चिम से प्रारब्ध,
नैऋत्य से नैतिकता
वावव्य से वैभव,
ईशान से एश्वर्य
आकाश से आमदनी,
पाताल से पूँजी
दसों दिशाओ से शान्ति सुख समुद्धि सफलता प्राप्त हो ऐसी शुभकामनाएँ..! 🙏 🌟🌟
आपको प्रकाशोत्सव*
*“दीपावली ” की*
*हार्दिक -शुभकामनाएँ*

*॥शुभम् भवतु॥*

⚡विश्वजीत सिंह अनंत✨
सनातन संस्कृति संघ/भारत स्वाभिमान दल💫
8126396457
जय मां भारती,सियावर रामचन्द्र की जय🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

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