जब देश एक हैं...संविधान एक हैं...तो समुदाय विशेष के लिए अलग कानून क्यों?
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भारत सही मायने में तब तक धर्मनिरपेक्ष नहीं बन सकता, जब तक सभी के लिए एक समान कानून यानि uniform civil code लागू नहीं हो जाता ...
हैरानी की बात है अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, यूरोप, आस्ट्रेलिया, तुर्की आदि में रहने वाले मुस्लिम वहां के uniform civil code को मानते हैं....
लेकिन यहाँ के मुस्लिम uniform civil code का विरोध करते हैं
कई मुस्लिम देशों में भी तीन तलाक़ बैन हैं....
लेकिन यहाँ के नकली कनवर्टेड मुस्लिम तीन तलाक़ की हिमायत करते हैं और इस गैर मुस्लिम देश में अपने लिए अलग शरिया कानून की मांग करते है ....
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विडंबना ये है कि भारतीय मुस्लिमो को चार शादी का मजा लेने के लिए तो शरिया कानून चाहिए, पर अपने अपराध की सजा के लिए इन्हें शरिया नहीं बल्कि भारतीय कानून चाहिए...
भारत स्वाभिमान दल
भारत के परमवैभव हेतु समर्पित। राष्ट्रीय अध्यक्ष - राष्ट्रीय सनातन पार्टी
शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2016
एक देश में दो कानून क्यों?
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