गुरुवार, 26 जनवरी 2017

हम कैसे मान ले कि देश स्वाधीन हो गया !

हम कैसे मान ले कि देश स्वाधीन हो गया, देश में,गणतंत्र हैं ! शिक्षा, चिकित्सा, न्याय, रोजगार, राजनीति सभी व्यवस्थाएँ तो विदेशी हैं !

जिस दिन भारत की व्यवस्थाएँ भारत के लोगों द्वारा भारत के नागरिकों के लिए संचालित की जायेगी, सभी के साथ समानता का व्यवहार होगा, उस दिन हम मान लेगे देश स्वतंत्र हो गया हैं, देश में गणतंत्र आ गया हैं।
अन्यथा मानवता विरोधी व्यवस्थाओं को चलाये रखकर गणतंत्र मनाया जाना केवल पाखण्ड कहा जायेगा।
विश्वजीत सिंह अनंत
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मित्रों आप यहाँ पर आये है तो कुछ न कुछ कह कर जाए । आवश्यक नहीं कि आप हमारा समर्थन ही करे , हमारी कमियों को बताये , अपनी शिकायत दर्ज कराएँ । टिप्पणी में कुछ भी हो सकता हैं, बस गाली को छोडकर । आप अपने स्वतंत्र निश्पक्ष विचार टिप्पणी में देने के लिए सादर आमन्त्रित है ।