एक नेता जी की बीवी के साथ कोई जबरदस्ती कर रहा था तो वो नेता जी भागकर अंदर गए और चरखा उठा लाये और चलाने लगे।
बीवी को गुस्सा आया और वो चिल्लाई :
तुम पागल हो क्या ये गुंडा मेरे साथ गलत कर रहा है और तुम चरखा चला रहे हो ??
पति : चरखे से तो अंग्रेज भाग गए फिर ये किस खेत की मूली है ये भी भाग जाएगा! ये कहकर नेता जी चरखा और जोर से चलाने लगे जब तक वो गुंडा उस नारी के साथ और ज्यादा बदतमीजी करता रहा!
बीवी रोती हुई गुस्से में पति से बोली छोडो ये चरखा और pls मुझे बचाओ!
ये सुनकर पति ने चरखा side में पटका और उठकर बलात्कारी के निकट गया और पूरी विनम्रता से बोला मेरी पत्नी को छोड़ दीजिये!
इतना सुनते ही उस गुंडे ने पति के एक खेंचके झाँपट मार दिया!
तो पति ने दूसरा गाल आगे कर दिया और फिर बोला pls मेरी बीवी को छोड़ दीजिये उस गुंडे ने दूसरे गाल पे भी एक कसके झाँपट मार दिया
पति बेहोश हो गया!
इतने में एक भगत सिंह नाम का वीर वहाँ से गुजरा, उसने जब चीख पुकार सुनी तो वो अंदर गया और उस महिला को बचाने के लिए गुंडे से भिड़ गया और आखिर में उस गुंडे को भगा दिया!
उस औरत ने भगत सिंह को धन्यवाद दिया, तभी पुलिस वहाँ पहुंच गयी तो पत्नी ने सारा क्रेडिट अपने पति को दे दिया और दोनों लाल गाल दिखा कर पति ने बहादुरी के सबूत दिखा दिए,
पुलिस ने उस पति को वीरता चक्र दिया और भगत सिंह को पकड़ के गुंडा गर्दी करने के आरोप में जेल में डाल दिया !
नोट:- इस घटना का इतिहास से कोई लेना देना नही है..
कितने झूले थे फाँसी पर और कितनों ने गोली खाई थी,
क्यों झूठ बोलते हो साहब कि चरखा चलाने से आजादी पाई थी..?????????
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
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