सोमवार, 13 जून 2016

श्री राम धुन रघुपति राघव राजा राम

'रघुपति राघव राजा राम' इस प्रसिद्ध भजन का नाम है..”राम धुन” .
जो कि बेहद लोकप्रिय भजन था.. कालनेमिवादी मोहनदास करमचन्द गाँधी ने बड़ी चालाकी से इसमें परिवर्तन करते हुए अल्लाह शब्द जोड़ दिया..

आप भी नीचे देख लीजिए..
असली राम धुन भजन

रघुपति राघव राजाराम
पतित पावन सीताराम
सुंदर विग्रह मेघश्याम
गंगा तुलसी शालग्राम
भद्रगिरीश्वर सीताराम
भगत-जनप्रिय सीताराम
जानकीरमणा सीताराम
जयजय राघव सीताराम

मोहनदास गाँधी द्वारा बेहद चालाकी से किया गया परिवर्तन..
गाँधी का राम धुन भजन

रघुपति राघव राजाराम,
पतित पावन सीताराम
सीताराम सीताराम,
भज प्यारे तू सीताराम
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम,
सब को सन्मति दे भगवान

**अब सवाल ये उठता है, कि मोहनदास करमचन्द गाँधी को ये अधिकार किसने दिया की,..
हमारे आराध्य भगवान श्री राम को सुमिरन करने के भजन में ही पिशाच समुदाय के आराध्य अल्लाह को घुसा दे...

अल्लाह का हमसे क्या संबंध?
क्या अब सनातन हिंदू अपने ईष्ट देव का ध्यान भी अपनी मर्ज़ी से नही ले सकता..?

और जिस भी व्यक्ति को हमारी बात से कष्ट हुआ हो..
वो इसी भजन को अल्लाह शब्द वाला संस्करण ज़रा किसी मस्जिद मे चलवा कर दिखा दे.. फिर हमसे कोई गीला शिकवा करे ।

आप बताईये क्या गाँधी को इस तरह राम भजन में बदलाव या ‪‎अल्लाह‬ शब्द घुसाना सही था क्या
इस पोस्ट पर आपका क्या विचार है जरुर बतायें
🙏🙏जय श्री राम 🙏🙏

- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन

http://www.bharatswabhimandal.org

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