गोकुल सिंह क्रांतिकारी== सजा सात दिन में पैशाचिक तरीके से अंग- अंग काटकर हत्या ।।
राम सिंह कूका क्रांतिकारी == सजा तोप से उठा दिया ।।
मंगल पांडे क्रांतिकारी== सजा फांसी ।।
रामप्रसाद बिस्मिल क्रांतिकारी== सजा फांसी ।।
मैना क्रांतिकारी== सजा आग में जिन्दा जला दिया।।
तात्या टोपे क्रांतिकारी==सजा फांसी।।
रानी लक्ष्मीबाई क्रांतिकारी==युद्ध में बलिदान।।
चंद्रशेखर आजाद क्रांतिकारी== एनकाउंटर।।
भगतसिंह क्रांतिकारी== सजा फांसी।।
राजगुरु क्रांतिकारी== सजा फांसी।।
सुखदेव क्रांतिकारी==सजा फांसी।।
वीर सावरकर क्रांतिकारी==सजा कालापानी।।
सुभाषचंद्र बोस क्रांतिकारी==रहस्यमय मौत।।
लाला लाजपतराय क्रांतिकारी== पुलिस की लाठी से मौत।।
भगवती चरण बोहरा क्रांतिकारी== बम धमाके मे मौत।।
और इनके जैसे हजारो- लाखों देशभक्त जिनका इतिहास मे कोई उल्लेख नही है लेकिन इन्होंने देश की आजादी में अपना सबसे बडा योगदान यानी जिंदगी का बलिदान किया।
लेकिन..??
ना लाठी खाई ना फांसी मिली ना काला पानी की सजा मिली फिर भी "मोहनदास करमचंद गांधी "राष्ट्रपिता कैसे??
नेहरू ना लाठी खाई ना फांसी ना कालापानी हमेशा आरामदायक नैनी जेल, आगाखान महल में नजरबन्द कभी बिरला भवन में नजरबंद फिर भी देश का पहला प्रधानमन्त्री ??
ये पढकर अंदाज लगाना मुश्किल नहीं की अंग्रेजो के चमचे, खबरी और चाटुकार कौन थे।
और इतिहास के हत्यारे सत्ता के कहते है कि आजादी के लिए हमने बलिदान दिया, इस से बड़ा क्या मजाक होगा?
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन
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