हम तो समझे जिसे कुछ और, वो बड़ा स्वार्थी निकला । राम समझे थे जिसे ,जान का दुश्मन निकला ।
उक्त कहावत आज उस अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर चरितार्थ हो रही है जिस विधार्थी परिषद के विधार्थियो ने अपने अथक परिश्रम करते हुऐ संघ और भाजपा को राजनीति के शीर्ष पर पहुचाने में महत्ती भूमिका निभाई ।
प्रत्येक राजनीतिक दल का एक विद्यार्थी संगठन जो अपने आका राजनीतिक दल की विचार धारा को छात्रो में प्रवाहित करते हुऐ भविष्य के नेता तैयार करती है NSUI,ABVP,ABHVMS.
ABVP संघ परिवार का एक महत्वपूर्ण अंग जिसे हिन्दू वादी छात्र संगठन समझा जाता है, आज उनकी आखे खुल जानी चाहिये "जम्मू कश्मीर की भाजपा-पीड़ीपी की सरकार द्वारा राज्य के लिए खतरा मानते हुए ABVP को प्रतिबंधित कर दिया गया है ।
जम्मू काश्मीर राज्य के शिक्षण संस्थानों में अब ABVP किसी भी प्रकार का कोई सांस्कृतिक या राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकती । उक्त प्रतिबंध का कारण बताया यह जा रहा है कि ABVP अपने कार्यक्रमों से माहौल खराब कर रहा है ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एक ऐसा छात्र संगठन है जिसने आज तक ऐसा कोई काम या आयोजन नहीं किया जिससे यह संगठन प्रतिबंधित किया जा सके ।
जिस प्रकार कश्मीर में मुसलमानो ने "स्वायत्तता के नाम पर भारत विरोधी नारे लगाये जाते है, हुर्रियत द्वारा भारत के विरूद्ध विष वामन किया जाता है, शिक्षण संस्थानो में भारत और हिन्दू विरोध की शिक्षा दी जाती है, उसे ध्यान में रखते हुए " कश्मीर को लिए दिये जाने वाले समस्त आर्थिक पैकेज्स पर रोक लगा दिया जाए वही मलिक, शाह, गिलानियो का हश्र "सोहराबुद्दीन जैसा कर दिया जाऐ" ताकि "गद्दारो में भय व्याप्त हो क्योंकि हमारा मानना है कि स्थायी शान्ति के लिए क्रान्ति आवश्यक है ।
JNU मे भारत विरोधी, हिन्दू विरोधी विष वामन करने वाले वामपंथी भुजंग खुले झूम घूम कर मुँह चिड़ा रहे है राष्ट्रवादी देशभक्त हिन्दूओ को ?परंतु प्रतिबंध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर...????
क्यों भाई....इन्होंने क्या किसी राजनेत्री का बलात्कार कर दिया या फिर किसी राजनेता की बहिन बेटी को छेड़ दिया परिषद के सदस्यो ने.....।
एक दीर्धावधि से प्रतिक्षा थी संघ की भाजपा की सरकार आने की हिन्दुओं को इस आशा के साथ कि "हिन्दूओं के दिन बहुरेगे,परंतु मोदी सरकार ने जहाँ एक ओर मुस्लिम तुष्टीकरण को बढावा दिया वही दूसरी ओर संघ हिन्दू के साथ पक्षपातपूर्ण कार्यवाही पर "दुम दबाऐ बैठा रहा ।
इससे अधिक निकृष्टता का और क्या उदाहरण हो सकता है कि मोदी सरकार बनने के पश्चात गोवा में भाजपा सरकार ने घोषित हिन्दूवादी सामाजिक संगठन "श्री राम सेना" पर प्रतिबंध लगाया और अब परिषद पर प्रतिबंध का उपहार दे दिया है भाजपा -पीड़ीपी ने !
मैं इस बात से भूली भाँति परिचित हूँ कि सत्ता के दलाल आज भी नमो जाप ही करेगे, नमो का यशोगान करेगे जिसकी सरकार ने "मेहबूबा को प्रसन्न करने के लिऐ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मुँह पर थूका है.....
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन
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