सोमवार, 30 मई 2016

इस्लाम में हिन्दू काफिर है ?

हिन्दू का उल्लेख मैं काफिर केवल तब ही करता हूँ जब इस्लाम पर चर्चा करता हूँ। इसका ठोस कारण भी है । पहली बात तो यह है कि हिन्दू शायद ही इस्लाम के बारे में कुछ पढ़ते हैं । हिन्दू जब पढ़ते हैं और देखते हैं कि इस्लाम काफिरों के बारे में क्या कहता है, तो वे भयाकुल हो जाते हैं और अपने मुस्लिम दोस्तों से पूछते हैं कि यह सब क्या है ।

उनके मुस्लिम मित्र केवल तकिया - मुदरत करते हैं और जवाब देते हैं 'ओह यह तो काफिरों के बारे में है, लेकिन तुम तो हिन्दू हो । "

असलियत में हर गैर मुसलमान काफिर ही होता है । भाषा और शब्द हमेशा बिलकुल exact ही होने चाहिए अगर तकिया - मुदरत के कोहरे को काटना है क्योंकि झूठ इस्लाम का सब से बड़ा शस्त्र है ।

हिरनों के लिए अन्य हिरन, हिरन हैं, लेकिन भेड़ियों के लिए वे बस उसका खाना है । अगर भेड़िया कहे कि वो खाना खाने जा रहा है तो हिरन खुश होता है कि भेड़िया खाना खाने जा रहा है । लेकिन हम जो ठहरे हिरन, भेड़िये खाना खाये उसमें हमें कैसा खुश होना?

- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन

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