हजरत इब्राहीम ईसा से लगभग 1800 वर्ष पूर्व हुए थे। मूसा लगभग 1300 वर्ष पूर्व हुए थे। लेकिन शोधानुसार उनसे भी पूर्व नूह हुए थे और सबसे प्रथम आदम हुए।
शोधकर्ता यही मानते हैं कि मानव की उत्पत्ति
भारत में हुई थी। इस तरह हमने जाना कि हिन्दू और यहूदी परंपरा सबसे प्राचीन है। उक्त तीनों ही तरह की परंपरा के तार एक-दूसरे में मिले हुए हैं।
यदि हम प्रारंभिक काल की बात करें तो शोध
बताते हैं कि राजा मनु ही नूह थे और हजरत इब्राहीम भारत से ही जाकर ऊर में बस गए थे। कहा जाता है कि 1900 ईसा पूर्व धरती पर मूसलधार बारिश हुई थी। उसी दौरान एक जबरदस्त भूकंप भी आया था।
इस बारिश और भूकंप के कारण एक ओर जहां सिंधु नदी ने अपनी दिशा बदल दी तो दूसरी ओर सरस्वती नदी में जोरदार लहरें और तूफान उठने लगे। सरस्वती नदी का आधा पानी सिंधु में मिल गया तो आधा पानी यमुना में। इस प्राकृतिक आपदा के कारण सिंधु सरस्वती सभ्यता नष्ट हो गई।
माना जाता है कि अरब के प्रवासियों में पहले थे अब्राहम, जिनको इस्लामिक परंपरा में हजरत इब्राहीम कहा जाता है। प्राप्त शोधानुसार सिंधु और सरस्वती नदी के बीच जो सभ्यता बसी थी वह दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यता थी। यह वर्तमान में अफगानिस्तान से भारत तक फैली थी।
प्राचीनकाल में जितनी विशाल नदी सिंधु थी उससे कई ज्यादा विशाल नदी सरस्वती थी। इसी सभ्यता के लोगों ने दुनियाभर में धर्म, समाज, नगर, व्यापार, विज्ञान आदि की स्थापना की थी। खैर... यह तो शोध का विषय है फिर भी कहा जाता है कि भारत के संबंध प्राचीनकाल से ही अरब, यूनान और रोम से रहे हैं। तीनों क्षेत्रों में धर्म, संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान का आदान-प्रदान होता रहा है।
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन
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