जिस तरह से प्रत्येक बड़े से बड़ा अपराधी और भ्रष्ट नेता भी स्वयं को निर्दोष और स्वच्छ निर्मल चरित्र वाला व्यक्ति होने का दावा किया करता है , लेकिन जब निष्पक्ष जाँच की जाती है तो पूछे गए सवालों से घबरा जाता है , क्योंकि
सवालों से उसके निर्दोष होने के दावे का भंडा फुट जाने का डर लगता है , इसी तरह इस्लाम भी लोगों से सिर्फ ईमान लाने पर जोर देता है , क्योंकि इस्लाम में अल्लाह , रसूल और कुरान की सत्यता के बारे में सवाल करना और वाद
विवाद करने को अपराध माना जाता है .
इसी लिए इस्लामिक शिक्षक मुस्लिम बच्चों को कुरान का व्याकरण सम्मत अर्थ सिखाने की जगह कुरान को तोते की तरह रटने पर बल देते हैं ,क्योंकि उन्हें डर लगता है कि कुरान के सही अर्थ जानकर लोग सवाल करेंगे , और इस्लाम की वास्तविकता का पता होने पर इस्लाम छोड़ देंगे , जैसा कि खुद कुरान में लिखा है-
"तुम से पहले भी एक गिरोह ने ऐसे ही सवाल किये थे ,और जब तुम उनके सवालों का जवाब न दे पाए ,तो वह इस्लाम से इंकार वाले हो गए "
सूरा -मायदा 5 :102
और यही कारण है कि जब भी कोई इस्लाम की बेतुकी , तर्कहीन , अमानवीय ,और अवैज्ञानिक बातों के बारे में सवाल करता है , या उंगली उठाता है ,तो मुसलमान उत्तर देने या खंडन करने की बजाय लड़ने और दंगे करने पर उतारू हो जाते हैं ,इसलिए सवाल करने वालों से निपटने के लिए कुरान में पहले से ही यह आदेश दे दिया गया है , कि
"और जब भी तुम्हारा कुफ्र वालों से किसी तरह का सामना हो जाये ,तो तुम उनकी गर्दनें मारना शुरू कर देना ,और इस तरह उनको कुचल देना "
सूरा -मुहम्मद 47 :4
इसीलिए दुनिया भर के सभी मुस्लिम नेता , अपराधी , दादा ,स्मगलर , डॉन और आतंकवादी कुरान की इसी नीति का पालन करते हैं, जिसे रसूल की सुन्नत माना जाता है .
जो देश और मानवता के लिए खतरनाक है , हम तर्क से इनका मुकाबला करें, साथ ही अपनी धार्मिक एकता को मजबूत करें, तभी राष्ट्र- धर्म सुरक्षित होगा .
महर्षि दयानंद ने अपनी विश्व प्रसिद्द पुस्तक "सत्यार्थ प्रकाश" में इस्लाम का तर्क पूर्ण खंडन करके मुल्ले मौलवियों को निरुत्तर करके सिद्ध कर दिया है कि दुनिया को डराने वाला इस्लाम खुद सबसे बड़ा डरपोक है , जिसमें सत्य का सामना करने की हिम्मत नहीं है . इसलिए यदि सभी हिन्दू सेक्युलरिज्म का चक्कर छोड़ कर निडरता से इस्लाम की विस्तारवादी और अमानवीय नीतियों का भंडाफोड़ करते रहें तो कोई शंका नहीं कि इस देश से इस्लामी आतंकवाद का सफाया हो जायेगा , केवल साहस की जरुरत है , लोगों को इस्लाम की असलियत के बारे में व सनातन हिन्दू धर्म के बारे में सप्रमाण जानकारी देते रहिये यही समय की मांग है , सिर्फ इस्लाम को कोसने से कुछ नहीं होगा , जैसे रात दिन शक्कर -शक्कर जपने से मुंह मीठा नहीं हो सकता .
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन
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