बुधवार, 18 मई 2016

भारत स्वाभिमान दल क्या है....

भारतवर्ष एक ऐसा देश है जो कभी सोने की चिड़िया था। हर व्यक्ति आनन्दित, हर परिवार संपन्न, सबके पास अपने काम और सब कामो में व्यस्त, सर्वोच्च स्तर का चरित्र, बौद्धिक स्तर पर भारत का कोई मुकाबला नहीं था, उच्च स्तरीय गुरुकुल शिक्षा पद्धति, आयुर्वेदिक और शल्य चिकित्सा, तकनीकि विज्ञान और खोज में सबसे आगे, सबसे पहले अंतरिक्ष विज्ञान का ज्ञाता, संस्कार और परम्परा में पूरे विश्व का गुरु और सिरमौर कहलाने वाला भारतवर्ष आज वासना, नशा, भ्रष्टाचार और व्याभिचार और आलस्य में डूबा हुआ है।
हर तरफ चोरी, दुश्मनी, हत्या, बलात्कार, धरना प्रदर्शन, मुफ्तखोरी, दलाली, घूसखोरी और अपराध अपने चरम पर है।
कोई संतुष्ट नहीं, सबके अंदर असुरक्षा की भावना घर कर चुकी है, कुछ भी निश्चित नहीं लगता।
जो समाज का नेतृत्व करते है, जिनके इशारे मात्र पर कुछ बदल सकता है, वो स्वाभिमान जागरण, विकास और राष्ट्रीय एकता के स्थान पर, विनाश और साम्प्रदायिक तुष्टिकरण कर विखण्डन की बात करते है, अपने राजनैतिक हित के लिए हमेशा धर्म के आधार पर भेदभाव करते है, जाती और सम्प्रदाय की बातो में उलझाकर, उकसाकर लड़वाया करते है, और वोट की राजनीति करते है, उनके लिए हम वोट बैंक के अलावा और कुछ नहीं।
जो विकास और जानकारी के स्रोत है, जो जन जन तक जानकारी पहुचाने के माध्यम है, वो अश्लीलता परोसकर विदेशी कम्पनियो का व्यापार बढ़ाकर, कमीशन के रूप में पैसा बटोर रहे है, भारत के नागरिकों को संविधानिक रूप से साम्प्रदायिक आधार पर बांटने वाले कानून लागू कर दिये गये है।
जिनके हाथ में देश का भविष्य है, जो पीढ़ियों का निर्माण करते है, जो अपने द्वारा बच्चों को चरित्र, व्यवहार, सामाजिक और भविष्य निर्माण की कला सिखाते है, उनको कानूनों में बांधकर अपंग बना दिया, और थोप दी विदेशी शिक्षा व्यवस्था।
आज सब व्यवस्थाओं में घुन लग गया है, न कुछ स्पष्ट है और न ही सापेक्ष, अपनी मूल प्रकृति को भूलकर दूसरो की व्यवस्था और गंदे संस्कारो से प्रभावित होकर हम विनाश की अंधी दौड़ में शामिल हो गए है जिसका अंजाम शायद एक दिन सीरिया जैसा हो सकता है।
क्या आप चाहते हो कि आप के बच्चे जिन्हें आप अपनी जान से ज्यादा प्यार करते हो, ऐसे माहौल में जिए, ऐसी व्यवस्थाये विनाशकारी है इनको बदलना होगा।
ऐसे में देश के कुछ युवाओ और बुद्धिजीवी लोगो ने मिलकर अपने देश के स्वर्णिम इतिहास का अध्ययन कर  क्रांतिकारी, योगियो और संतो के जीवन से प्रेरणा लेकर "भारत स्वाभिमान दल" संगठन की स्थापना की है, और उन सिद्धांतो पर कार्य करने का निर्णय लिया जिन पर चलकर यह देश खुशहाल,संपन्न, शक्तिशाली, संस्कारवान और विश्वगुरु था। आइये मिलकर संस्कारित, खुशहाल, समृद्ध, दिव्य और तेजस्वी भारत का निर्माण करे।
भारत स्वाभिमान दल देश के हर उम्र के विचारशील, प्रगतिशील और राष्ट्रभक्तों का इस महान कार्य में सहयोग के लिए आवाहन करता है।
सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन के लिए संगठित होना अति आवश्यक है।
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन

🚩सनातन संस्कृति संघ ट्रस्ट, सनातन धर्म- संस्कृति व स्वदेशी के प्रचार- प्रसार के लिए कार्यरत संगठन |
स्वदेशी स्वाभिमान, राष्ट्र- धर्म, संस्कृति की रक्षा व सम्वर्धन, गौ आधारित अर्थव्यवस्था एवं गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था की पुनर्स्थापना के लिए सनातन संस्कृति संघ के सदस्य बने |

🚩भारत स्वाभिमान दल, स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत के पुनर्निर्माण के लिए तथा देश के अमर बलिदानियों के सपनों को पूरा करने के लिए भारत स्वाभिमान दल से जुड़े |
भारत स्वाभिमान दल के बारे में अधिक जानने के लिए तथा सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन, राजनैतिक शुचिता व राष्ट्र- धर्म रक्षा के आन्दोलन में तन मन धन से सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भारत स्वाभिमान दल की वेबसाइट पर जाये
http://www.bharatswabhimandal.org/member.php

आप संगठनो से जुड़ने हेतु हमसे 08126396457 पर वाट्सएप्प व हाईक द्वारा भी सम्पर्क कर सकते है |
वन्दे मातरम्

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