प्रधानमन्त्री जी सचमुच में अगर देश का विकास चाहते तो वो सबसे पहले निचे लिखे मुद्दों पर काम शुरू करते,,पर दो साल में इन मुद्दों को उन्होंने छुआ तक नहीं है,,जबकि इन मुद्दों पे ध्यान दिए बिना इस देश का वास्तविक विकास किसी भी स्थिति में संभव नहीं है,
1 -जनसँख्या नियंत्रण,,वो भी सभी धर्मो के ऊपर सामान रूप से सख्ती से लागू करना,,
2 -हिन्दुओं की एकता में बाधक जातिवाद को समाप्त करने के लिए उन्होंने कोई नयी योजना नहीं बनायीं,,उलटे उन्होंने कांग्रेस की तर्ज पर जातिवादी राजनीति शुरू कर दी,,
3-कॉमन सिविल कोड लाने के लिए एक भी अध्यादेश तक नहीं लाये,,जबकि ये उनका चुनावी मुद्दा था,,पर भूमि अधिग्रहण के लिए लगातार तीन बार अध्यादेश लाये (क्योकि उनके पूंजीपति मित्र ये काम हुआ कहते है ),
4-..स्वदेशी तकनीक और उद्योगों को बढ़ावा देने के बदले पूरी दुनिया की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों को न्योता देने के लिए,,पूरी दुनिया में भ्रमण किया,,
5 -देश की हर सेवा जैसे की एअरपोर्ट,,रेलवे स्टेशन ,,महामार्गो को निजी कंपनियों को बेचकर देश के विकास की डींगे रहे है,,
6-रेलवे में पानी जैसी बुनियादी सेवा भी निजी क्षेत्र को बेच खायी,,जबकि रेल किराये में साफसुथरा पानी मुफ्त में उपलब्ध करना रेलवे की जिम्मेदारी है,,भक्त लोग इस निजी करन को बड़ा ही क्रांतिकारी बताते है,,
7-प्रधानमन्त्री जी ने जितनी भी विदेश यात्राये की है वो देश हित से ज्यादा उनके कॉर्पोरेट मित्रो के व्यापारिक मित्रो के समझोतों को करवाने हेतु की है,,अब इस में देश हित कहाँ से आ गया,,?
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन
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