मित्रों, हम सभी जानते हैं सनातन हिन्दू धर्म को मानने वाला हर मनुष्य जो जात - पात , रंग-भेद से बहुत उपर उठ जाता है वो साधु , सन्त या महात्मा कहलाता है ! और हिन्दू समाज सिर्फ साधु - सन्तों के तप और कर्मों पर टिका है ! फिर अगर क्षुद्र राजनीति के लिए साधु समाज में भी जात - पात को घुसा दिया जाऐ तो हिन्दू धर्म का सर्वनाश निश्चित है ।
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सनातन धर्म को जातियों में तोड़ने के भरपूर प्रयास उज्जैन में किये हैं ! अभी तक हिंदू धर्म में सभी संतो में कोई भेदभाव नहीं किया जाता था कहा जाता है संतों की कोई जाती नहीं होती एक बार जिसने संन्यास ले लिया उसका नाम भी बदल जाता है और उसकी पहचान अखाड़े से होती है, जाती से नहीं ?
लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के आदेश पर उज्जैन में दलित साधुओं को चिन्हित कर पीले चावल भेजे जा रहे हैं ! अब उनके पंडाल अलग से लगाये जायेगे, अमित शाह दलित साधुओं के साथ में स्नान करेंगे यानि कि अभी तक साधुओं से मिलने और दीक्षा लेने के लिए आदमी अखाड़ा देखता था उनकी योग्यता देखता था परंतु अब यहां भी आरक्षण चलेगा आपको पहले यह देखना होगा जिस साधु संत महात्मा से आप दिक्षा लेंगे वो दलित है या स्वर्ण वर्ग से है और अपने वर्ग के साथ सही आप भी चले यह परंपरा उज्जैन सिंहस्थ कुंभ में डाली जा रही है ! निश्चित ही यह परंपरा आगे के कुंभ में भी निभाई जाएगी ! दलित किसी को प्यारे नहीं है, लेकिन दलित वोट बैंक सबको प्यारा है उत्तर प्रदेश चुनाव आने वाले हैं और उत्तर प्रदेश चुनाव में 20% दलित भूमिका निभाते हैं ! उन वोटों का शोषण करने के लिए हिंदू समाज की एकता को तौडने का यह प्रयास बीजेपी द्वारा किया जा रहा है ! जिससे वह दलित वोट प्राप्त कर सकें इसके बाद तो हर कुम्भ में अन्य सरकार भी दलितों को नाराज करने का जोखिम नहीं उठा पाएंगे और उसके बाद हर कुम्भ में दलित साधुओं के पंडाल अलग और स्वर्ण साधुओं के पंडाल अलग-अलग लगेंगे ! इसका सार्वजनिक रूप से और सोशल मीडिया पर बहिष्कार होना चाहिए, हिंदू एकता के लिए उसके खिलाफ अभियान भी चलाना चाहिए ! भाजपा की सरकार जहां भी बनती है हिंदुत्व पर बनती है, अब हिंदू समाज को जाती में तोड़ने का प्रयास करना घोर विश्वासघाती कदम है ।
आप सब से विनम्र निवेदन है कि अपने मस्तिष्क से अँधभक्ती निकाल कर राष्ट्रभक्ती लाऐं और सोचें की जो किया जा रहा है इससे हिन्दू समाज नष्ट ही होगा !
एक तरफ हम रोज चिल्ला रहे हैं की जातीगत भेदभाव खत्म करो, आरक्षण खत्म करो ओर दुसरे तरफ ये राजगद्दी के भुखे भेड़िये हिन्दुओं को बाँटने से बाज नहीं आ रहे है ! कल को ये लोग मन्दिर भी अलग बना देंगे , फिर देवी देवताओं को बाँट देंगे की ये देवता स्वर्ण का, ये देवता दलित का। इन लोगो के पास संसद में बहुमत है, यदि ये लोग सच में सामाजिक समरसता चाहते है तो जाती को संविधानिक रूप से अवैध घौषित क्यों नहीं करते ?
अँन्धभक्ती छोडें ओर राष्ट्र के बारे में चिंन्तन करें , इस लेख को अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाये और भाजपा सरकार के इस हिन्दू विरोधी निर्णय का विरोध करे !
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन
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