गुजरात के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने 14 साल के बाद 2002 के गोधरा रेल नरसंहार के एक प्रमुख साजिशकर्ता इस्लामिक आतंकवादी फारूख भाना को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में 59 हिन्दू जीवित जला दिये गए थे। फारूख उर्फ भाना गोधरा रेलवे स्टेशन के निकट साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 डिब्बे में आग लगाने के लिए मिट्टी का तेल ले गया था। उसे गोधरा शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर कलोल कस्बे से गिरफ्तार किया गया।
फारूख पर रेलगाड़ी पर हमला करने और उसमें आग लगाने के लिए एक भीड़ को उकसाने का आरोप भी है।
एटीएस अधिकारियों ने कहा कि फारूख 14 साल पहले घटित हुए रेल अग्निकांड के बाद से फरार था। इस घटना के बाद राज्य में हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क उठे थे। इस मामले में अबतक फारूख के अलावा 94 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांचकर्ता अधिकारियों ने कहा कि गोधरा नगर निगम का पूर्व पार्षद व कांग्रेसी नेता फारूख हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक था।
हमले में मारे गए 59 लोगों में से अधिकांश विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता थे, जो उत्तर प्रदेश में स्थित पवित्र तीर्थ स्थल अयोध्या से लौट रहे थे।
एटीएस अधिकारियों ने कलोल में संवाददाताओं को बताया कि उससे इन वर्षो के दौरान उसके ठौर-ठिकानों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
भले ही 14 वर्ष हो गए हों लेकिन आज निश्चित तौर पर गुजरात पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, अब शायद दंगा कराने वाले असली अपराधियों तक पहुंचा जा सकेगा, हमें आशा है ATS फरूह से सच उगलवाने में कोई कोर कसर नहीं बाकी रखेगी।
- विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन
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