रविवार, 10 अप्रैल 2016

बच्चों को संस्कारवान बनाकर हिन्दुत्व बचायें

एक ५ वर्ष के मुस्लिम बच्चे को यह पता है, कि मस्जिद में जाकर क्या करना है ! वुजू कैसे करेंगे ! नमाज कैसे पढी जाती है ! मुस्लिम भाईचारा कैसे बढ़ाना है, इस्लाम का प्रचार कैसे करना है आदि .....

अब एक हिन्दू के १० वर्ष के बालक को देख  लो ! ८०℅ ऐसे मिल जायेंगे, जिन्हें यह नहीं पता कि गायत्री मन्त्र क्या होता है, अथवा गायत्री मन्त्र का जप कैसे किया जाता है, सूर्य को अर्घ्य
क्यों दिया जाता है। मन्दिर में धर्म साधना करने की विधि क्या है । प्राणायाम / ध्यान कैसे किया जाता है। हिन्दुओं को एक कैसे करना है ?क्यों ???????????????????

क्योंकि, हमने उनको उनके संस्कार नहीं बताये!
दोष उन बच्चों का नहीं हमारा है! अगर हिन्दुत्व को बचाना है, तो चिल्लाने से हिन्दुत्व नहीं बचेगा। उसके लिए हमें अपने बच्चों में संस्कार बढ़ाना होगा, उन्हें सिखाना होगा कि, हम कौन हैं, हमारी सभ्यता क्या थी, हमारे आदर्श कौन थे, जातिवाद आदि कुरूतियों को कैसे नष्ट करना है, हिन्दू भाईचारा कैसे बढ़ाना है आदि ... आओ हम मिलकर संकल्प लें कि हम अपने बच्चों को संस्कारवान बनायेंगे !
तभी हिन्दुत्व की रक्षा, संभव है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मित्रों आप यहाँ पर आये है तो कुछ न कुछ कह कर जाए । आवश्यक नहीं कि आप हमारा समर्थन ही करे , हमारी कमियों को बताये , अपनी शिकायत दर्ज कराएँ । टिप्पणी में कुछ भी हो सकता हैं, बस गाली को छोडकर । आप अपने स्वतंत्र निश्पक्ष विचार टिप्पणी में देने के लिए सादर आमन्त्रित है ।