शौकत मियाँ.. उस घडी को कोस रहे थे.. जब.. वो पिछले महीने जमात ( इस्लामी धर्म प्रचारकों का समूह ) वालों के संपर्क में आये थे..! जिंदगी अच्छे से कट रही थी..! बढई थे.. लकडी के अच्छे कारीगर.. तो चार पैसो की इनकम भी नियमित थी..! पिछले ही साल जेबुन्निशाँ से निकाह हुआ था.. बडी प्यारी बीबी थी.. उसे वो प्यार से जेबी कह के बुलाते थे.. यही कोई अठारह उन्नीस साल की.! अभी गोद सूनी थी.. जमातियो ने उन्हें.. इस्लाम में पुरूषों के अधिकार समझाए थे..! अल्लाह ने सभी चीजे पुरूषों के लिए ही बनाई है.. यहाँ तक की औरते भी पुरूषों के इस्तेमाल के लिए ही है..! शौकत मियाँ ने तभी मौलाना से पूंछा था..! क्या औरते मनुष्य नही..? मौलाना ने बिना लाग लपेट जबाब दिया था.. नही..! वो सिर्फ हमारी खेतियां है..! हम उन्हे कैसे भी इस्तेमाल करे..!
तभी से शौकत मियाँ का मन काम से उचट गया.. मौलानाओ की संगत ज्यादा करने लगे..! काम न करने से आर्थिक तंगी आ गयी.. और तंगी से शुरू हुआ उनके और.. जेबी के बीच रोज रोज की कलह..! और एक दिन ऐसे ही माहौल मे झगडे के दौरान.. शौकत मियां.. ने पुरूषों के इस्लामी ब्रह्मास्त्र.. तलाक तलाक तलाक का प्रयोग कर डाला..!
जेबी पर मानो पहाड गिर पडा हो..! या अल्लाह.।! ये क्या कर डाला आपने..! घर मे कोहराम मच गया..! हर ओर एक जलजला ! एक ही चर्चा.. शौकत भाई ने अपनी बीबी को तलाक दे दिया.!
थोडा गुस्सा शांत होते ही शौकत मियाँ को अपनी गलती का एहसास हुआ..! हालांकि वो जेबी को बहुत प्यार करते थे.. पर अब तो तीर कमान से छूट चूका था..!
खबर मस्जिद के मौलाना तक पहुंची..! मौलाना की अगुवाई में इस्लाम के विद्वान मौलवीयों की पूरी टीम आनन फानन में शौकत के घर आ धमकी..! मौलाना ने सख्त लहजे में कहा..! शौकत मियां ! जब आप ने अपनी बीबी को तलाक दे दिया तो वो आपके घर में कैसे रह रही है..? शौकत मियां ने लरजते हुए कहा.. वो जी.. हमसे गलती से ऐसा हो गया.. पर मैं अपनी बीबी को अपने से अलग नही करना चाहता..! मौलाना ने कहा.. मियाँ तुम्हें कुछ धर्म की जानकारी भी है के नहीं..? अब तुम अपनी बीबी के साथ नही रह सकते..! इसके लिए तुम्हारी पत्नी को हलाला से गुजरना होगा..! घर के भीतर से जेबी ने जैसे ही हलाल शब्द सुना.. वो सिहर गई..! या अल्लाह..! रहम कर..! करे कोई भरे कोई..! तीन तलाक बोला शौकत मियाँ ने.. हलाला मेरा होगा..? क्या यही तेरा इन्साफ है..? खैर जेबी पडोस में रहने वाली अपने बहन के पास चली गयी..!
शौकत मियाँ के घर हलाला पर चर्चा शुरू हुई..! पूरा कुनबा इकट्ठा हुआ.. बहन बहनोई भी चर्चा मे शामिल हुए..! तय हुआ.. शौकत के बडे जीजा अय्यूब जो की यहीं कोई 55 साल के थे.. उनके साथ जेबी का हलाला किया जाय..! और ये भी तय हुआ के.. जुम्मे के दिन जेबी का निकाह अय्यूब से किया जाय.. और जुम्मे की रात हलाला की प्रक्रिया के तहत अयूब भाई जेबी से शारीरिक सम्बन्ध बनाएंगे और शनिवार को फिर जेबी को तलाक देंगे.. फिर दुबारा शौकत मियाँ को जेबी से निकाह का मौका मिलेगा अय्यूब भाई सहमत थे..!
नियत समय पर पूरे बिरादरी के सामने.. बूढे अय्यूब का निकाह हलाला के तहत कमसिन जेबी से हो गया..! जुम्मे की वो रात कयामत की रात थी..! शौकत के लिए भी.. और जेबी के लिए भी..! शौकत मियां से रात काटे नहीं कट रह थी..! उधर अय्यूब भाई को जैसे अंधे को आँख मिल गई !..जेबी का क्या हुस्न था.! बूढा अयूब सैक्स बढ़ाने वाली दवाईयां खाकर रात भर जीबी के साथ शारीरिक सुख लूटता रहा, अपनी दमित वासना का पूर्ती करता रहा..! उधर जेबी निर्जीव सी पडी रही..!
भोर का उजाला होते ही शौकत मियां आगे की प्रक्रिया के लिए.. तडके ही अपने बहन के घर जा धमके..! बहनोई अभी अभी मस्जिद से... सुबह की नमाज पढ के लौटे थे..! शौकत मियां ने अय्यूब से कहा ! दूल्हे भाई..! अब आप जल्दी से जेबी को बुलाइये और तीन तलाक बोलिये.. जिससे आगे की करवाई शुरू की जाय..! अय्यूब ने शौकत को समझाने के लहजे मे कहा..! मियाँ ऐसा है के कुछ ऐसे आवश्यक कार्य रहे के कल में जेबी से शारीरिक सम्बन्ध बना न सका..! अब तुम्हें हलाला का तो पता ही है.. अगर शारीरिक सम्बन्ध न बने तो हलाला पूरा ही नहीं होगा..! तुम ऐसा करो.. दो एक दिन ठहर जाओ.. मुझे जरा कुछ काम है.. मैं कही जा रहा हूँ..! देर रात लौटूंगा...! फिर बाद में इस मसले पर विचार करते है..! ये सुन के परदे के पीछे खडी जेबी की आँखे टपक पडी..!
अब अय्यूब भाई रोज ही अपनी व्यस्तता का बहाना कर के सवेरे ही घर से निकल जाते है.. और देर रात लौटते है..! शौकत मियाँ रोज ही अपने बहनोई के घर के चक्कर काटते है..! और जेबी.. पिछले तीन महीने से हलाला में है ..!
ये है हलाला का शारीरिक सुख !
तभी से शौकत मियाँ का मन काम से उचट गया.. मौलानाओ की संगत ज्यादा करने लगे..! काम न करने से आर्थिक तंगी आ गयी.. और तंगी से शुरू हुआ उनके और.. जेबी के बीच रोज रोज की कलह..! और एक दिन ऐसे ही माहौल मे झगडे के दौरान.. शौकत मियां.. ने पुरूषों के इस्लामी ब्रह्मास्त्र.. तलाक तलाक तलाक का प्रयोग कर डाला..!
जेबी पर मानो पहाड गिर पडा हो..! या अल्लाह.।! ये क्या कर डाला आपने..! घर मे कोहराम मच गया..! हर ओर एक जलजला ! एक ही चर्चा.. शौकत भाई ने अपनी बीबी को तलाक दे दिया.!
थोडा गुस्सा शांत होते ही शौकत मियाँ को अपनी गलती का एहसास हुआ..! हालांकि वो जेबी को बहुत प्यार करते थे.. पर अब तो तीर कमान से छूट चूका था..!
खबर मस्जिद के मौलाना तक पहुंची..! मौलाना की अगुवाई में इस्लाम के विद्वान मौलवीयों की पूरी टीम आनन फानन में शौकत के घर आ धमकी..! मौलाना ने सख्त लहजे में कहा..! शौकत मियां ! जब आप ने अपनी बीबी को तलाक दे दिया तो वो आपके घर में कैसे रह रही है..? शौकत मियां ने लरजते हुए कहा.. वो जी.. हमसे गलती से ऐसा हो गया.. पर मैं अपनी बीबी को अपने से अलग नही करना चाहता..! मौलाना ने कहा.. मियाँ तुम्हें कुछ धर्म की जानकारी भी है के नहीं..? अब तुम अपनी बीबी के साथ नही रह सकते..! इसके लिए तुम्हारी पत्नी को हलाला से गुजरना होगा..! घर के भीतर से जेबी ने जैसे ही हलाल शब्द सुना.. वो सिहर गई..! या अल्लाह..! रहम कर..! करे कोई भरे कोई..! तीन तलाक बोला शौकत मियाँ ने.. हलाला मेरा होगा..? क्या यही तेरा इन्साफ है..? खैर जेबी पडोस में रहने वाली अपने बहन के पास चली गयी..!
शौकत मियाँ के घर हलाला पर चर्चा शुरू हुई..! पूरा कुनबा इकट्ठा हुआ.. बहन बहनोई भी चर्चा मे शामिल हुए..! तय हुआ.. शौकत के बडे जीजा अय्यूब जो की यहीं कोई 55 साल के थे.. उनके साथ जेबी का हलाला किया जाय..! और ये भी तय हुआ के.. जुम्मे के दिन जेबी का निकाह अय्यूब से किया जाय.. और जुम्मे की रात हलाला की प्रक्रिया के तहत अयूब भाई जेबी से शारीरिक सम्बन्ध बनाएंगे और शनिवार को फिर जेबी को तलाक देंगे.. फिर दुबारा शौकत मियाँ को जेबी से निकाह का मौका मिलेगा अय्यूब भाई सहमत थे..!
नियत समय पर पूरे बिरादरी के सामने.. बूढे अय्यूब का निकाह हलाला के तहत कमसिन जेबी से हो गया..! जुम्मे की वो रात कयामत की रात थी..! शौकत के लिए भी.. और जेबी के लिए भी..! शौकत मियां से रात काटे नहीं कट रह थी..! उधर अय्यूब भाई को जैसे अंधे को आँख मिल गई !..जेबी का क्या हुस्न था.! बूढा अयूब सैक्स बढ़ाने वाली दवाईयां खाकर रात भर जीबी के साथ शारीरिक सुख लूटता रहा, अपनी दमित वासना का पूर्ती करता रहा..! उधर जेबी निर्जीव सी पडी रही..!
भोर का उजाला होते ही शौकत मियां आगे की प्रक्रिया के लिए.. तडके ही अपने बहन के घर जा धमके..! बहनोई अभी अभी मस्जिद से... सुबह की नमाज पढ के लौटे थे..! शौकत मियां ने अय्यूब से कहा ! दूल्हे भाई..! अब आप जल्दी से जेबी को बुलाइये और तीन तलाक बोलिये.. जिससे आगे की करवाई शुरू की जाय..! अय्यूब ने शौकत को समझाने के लहजे मे कहा..! मियाँ ऐसा है के कुछ ऐसे आवश्यक कार्य रहे के कल में जेबी से शारीरिक सम्बन्ध बना न सका..! अब तुम्हें हलाला का तो पता ही है.. अगर शारीरिक सम्बन्ध न बने तो हलाला पूरा ही नहीं होगा..! तुम ऐसा करो.. दो एक दिन ठहर जाओ.. मुझे जरा कुछ काम है.. मैं कही जा रहा हूँ..! देर रात लौटूंगा...! फिर बाद में इस मसले पर विचार करते है..! ये सुन के परदे के पीछे खडी जेबी की आँखे टपक पडी..!
अब अय्यूब भाई रोज ही अपनी व्यस्तता का बहाना कर के सवेरे ही घर से निकल जाते है.. और देर रात लौटते है..! शौकत मियाँ रोज ही अपने बहनोई के घर के चक्कर काटते है..! और जेबी.. पिछले तीन महीने से हलाला में है ..!
ये है हलाला का शारीरिक सुख !
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
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वन्दे मातरम्
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