पिछले ग्यारह सौ वर्षों से हिन्दुओं को अपमानित क्यों होना पड़ रहा हैं ...?
क्या आप जानते हैं कि... पिछले ग्यारह सौ वर्षों से हम विदेशी शक्तियों की यातनाएं क्यों झेल रहे है और हमें अपमानित होना क्यों पड़ा है...????
अगर, हम पॉप व बौद्ध काल की पुरानी बातों को छोड़ भी दें तो क्या आपने कभी ध्यान दिया है या आत्ममंथन किया है कि.... हमारे हिंदुस्थान में ही हिन्दुओं को समय-समय पर अपमानित करने के बाद भी हिन्दू विरोधी लोग सत्ता पर कैसे आसीन हो जाते है अथवा हिन्दुओं द्वारा चुनी हुई सरकार किस कारण हिन्दू विरोधी निर्णय ले लेती है... ?????
आपको जान कर बहुत आश्चर्य होगा कि ... सम्पूर्ण संसार में हमारा हिन्दुस्थान ही एकमात्र देश है जहाँ के ""बहुसंख्यकों" को हर समय अपमानित होना पड़ता है और उन्हें "जूते की नोक पर रखना" और "बेइज्जत करना" लोग अपना गौरव समझते हैं...!
इसका कारण बहुत ही सामान्य सा है... और वो ये है कि.... हम हिन्दू एक जुट नहीं हैं... हम वोट तो दे देते है लेकिन अपना अधिकार कभी नहीं मांगते, निर्वाचित नेता को वापस बुलाने का हमें अधिकार नहीं है... इंडियन संविधान में भी हम हिन्दुओं को समानता का अधिकार प्राप्त नहीं है...!
शास्त्रों में की गई हेर फेर विकृतिकरण के कारण व स्वार्थी लोगो की कुव्यवस्थाओं के कारण सनातन हिन्दू धर्म विभिन्न जातियों में बट गया है और सबकी .... अपनी डफली -अपना राग है ...!
और ये बातें सिर्फ मैं ही नहीं हर लोग जानते हैं..... लेकिन आपका ध्यान एक विशेष चीज पर दिलाना चाहता हूँ.........
स्मरण रखें... जब तक हम हिन्दू हैं, तभी तक बहुसंख्यक हैं... जहाँ हम जातियों में बटते हैं... हम अल्पसंख्यक हो जाते हैं ..... !
इसीलिए अगर हम हिन्दुओं को अपना अस्तित्व बचाए रखना है तो.... हमें एक रस्से की तरह आपस में गुँथ कर रहना होगा ... तभी हम में मजबूती आ पायेगी और हम शत्रुओं का सामना कर पाएँगे.... और अपने आपको बचा पाएंगे... ध्यान रखों हम विश्व में सबसे श्रेष्ठ है लेकिन इस जाति पाती ने हमें बर्बाद किया हुआ है, इस जातिगत भेदभाव को जितना शीघ्र हो सके नष्च कर दो.... हम सबकी एक जाती है मानव जाती और एक ही धर्म है सनातन हिन्दू धर्म... जो सनातन हिन्दू धर्म में इससे अधिक जाती मानता है वो अज्ञानी है...!
अगर हमने ऐसा नहीं किया और ... आपस में ही जातिवाद कर लड़ते रहे तो ...... हमारा अस्तिव बच पाना असम्भव होगा ..... क्योंकि मुस्लिमों और ईसाईयों की नज़र में हम सिर्फ हिन्दू ही हैं.... उनके लिए ना तो कोई ब्राह्मण है ना ही कोई शुद्र...!
और तो और.... अरब साम्राज्यवादी मुस्लिम जब भी दंगा करते हैं तो किसी को जाति पूछ कर नहीं काटते हैं... कि ब्राह्मणों को कम काटो... राजपूतों को ज्यादा काटो अथवा शूद्र को मत काटो...!
इसीलिए .... मैं कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक.... कच्छ से लेकर असम तक सभी हिन्दुओं को एकजुट करना चाहता हूँ ताकि दुश्मन हमारी तरफ आँख उठा कर देखने से पहले हज़ार बार सोचे......!
-विश्वजीत सिंह अनन्त
( भारत स्वाभिमान दल )
साधुवाद।।। आपकी कोशिश जरूर रंग लाएगी।।।
जवाब देंहटाएंक्या आप मायावती ओर मुलायम सिंह को समझा पायेंगे?????नहीं ना तो यह कैसे संभव है कि जातीवाद मिट जाये???
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