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दोस्तों आपको यह जानकर हैरानी होगा कि ईसाई, बौद्ध और इस्लामिक देश अपनी संस्थाओं के माध्यम से कितना धन भारत में भेज रहे है केवल इसलिए कि इस देश में अनेकों जाति और धर्मो में बटे लोगों का धर्म परिवर्तन कराकर इस देश पर कब्जा किया जाय ।
दोस्तों आपको यह जानकर हैरानी होगा कि ईसाई, बौद्ध और इस्लामिक देश अपनी संस्थाओं के माध्यम से कितना धन भारत में भेज रहे है केवल इसलिए कि इस देश में अनेकों जाति और धर्मो में बटे लोगों का धर्म परिवर्तन कराकर इस देश पर कब्जा किया जाय ।
यहाँ के भोले भाले लोग अब भी इस षड्यंत्र को समझ नही पा रहे है कि उनको शर्बत में मिलाकर स्लो प्वाईजन दिया जा रहा है।
इस्लाम में कोई फिलासफी या आकर्षण तो है नहीं तो वह छल बल के द्वारा लोगो को भडका कर मार काट कर धौस के बल पर लोगो को मुसलमान बनाना चाहते है और इसमें सफल नहीं होने पा रहे है तो शरियत का हवाला देकर अधिक बच्चे पैदाकर अपनी आबादी बढाने में लगे है बंगलादेश से घुसपैठ कराने में और कालनेमिवादी धर्मनिरपेक्ष नेताओं को रिश्वत देकर अपनी योजना में सफल हो रहे है ।
अब मै आपको सबसे बडे षड्यंत्र की बात बताने जा रहा हूँ
अब मै आपको सबसे बडे षड्यंत्र की बात बताने जा रहा हूँ
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इसाई मिसनीरिज धन का और सेक्स का लोभ देकर किस कदर लोगो के धर्म परिवर्तन में लगी है आप खुद ही नमूना देखिए ।
राष्ट्र उत्थान समिति के कुछ कार्यकर्ताओं ने इसका भंडाफोड करने के लिए चर्च और मिशनरीज के कुछ पादरीयों व ननो से सम्पर्क किया उनके बातों का प्रमाण मैं नीचे दे रहा हूॅ आप खुद देखिए ।
सबसे ज्यादा पैसा करीब पाँच लाख मिलेगा अगर एक पन्डित को इसाई बना देते है उसके अलावा अगर उनके एजेन्ट बन जाते है तो 20000 रू0 महीना खाना पीना रहना सब मुफ्त और सेक्स करने के लिए जिस भी नन को चाहे तैयार है इसके अलावा यदि किसी अनुसूचित जाति के परिवार को इसाई बनाते है तो उसे एक लाख मिलेगा और चर्च परिसर मे घर बनाने की जगह तथा कमीशन के तौर पर प्रति परिवार बीस हजार आपको मिलेगा ।
अब इस षड्यंत्र में कानूनी दाव पेच से बचने का पूरा प्रबन्ध है पहले जो नवयुवक इसमें शामिल होगा उसको सबसे पहले गाय और सूवर का पका हुआ माँस खाना पडेगा और धार्मिक किताबो यानी गीता, रामायण, वेद पर पेशाब करके पादरी या पास्टर के सामने जलाना पडेगा । फिर वह पादरी वकील के द्वारा तैयार किया हुआ स्टाम्प पेपर पर 10% ब्याज पर पाँच लाख रूपया उधार देगा ।
यह कागज यदि आप ईसाई धर्म छोडकर मन्दिर जाना शुरू कर दें तब काम आएगा और वह पादरी मय ब्याज के कोर्ट के द्वारा वसूल कर लेगा अगर सब ठीक रहता है आप ईसाई धर्म का काम करते रहते हैं तो उस स्टाम्प पेपर का कोई मतलब नही है । इसके लिए विदेशो से करीब 20 हजार करोड रूपया NGOS के द्वारा प्रतिवर्ष भारत आता है।
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राष्ट्र वंदनीय सम्राट चन्द्रगुप्त का पौत्र चंड अशोक जो बड़ा ही क्रुर था, उसने अपनी क्रुर छवि बदलकर उदार छवि प्रचारित करने के लिए बौद्ध धर्म अपनाया, साथ ही शक्ति के बल पर अपनी प्रजा को भी बौद्ध बनने के लिए विवश किया, उसने मौर्य वंश के यश को अपयश में बदल दिया, उसने अपने शासन काल के दौरान सनातन धर्म के शास्त्रों को विकृत कराया, नकली शास्त्रों की रचना करवाई, आज बौद्ध व नास्तिक लोग उन्हीं शास्त्रों को आधार बनाकर सनातन हिन्दुओं को जातिवाद में बाटकर सनातन धर्म को नष्ट करने का भयानक षड़यन्त्र रच रहे है, हिन्दुओं को रंग के आधार पर बांटा जा रहा है, गोरे रंग वालों को विदेशी व सावले रंग वालों को मूलनिवासी प्रचारित जा रहा है, जबकि राक्षस संस्कृति के प्रसारक बौद्ध नेता भीमराव अम्बेडकर ने अपनी पुस्तक में स्वीकार किया है कि शुद्र भी आर्य ही थे, लेकिन फिर भी विद्वेष की भावना के वशीभूत होकर उसने अंग्रेजों के साथ मिलकर इस देश के राष्ट्रपुरूषों को अत्याचारी सिद्ध कर राष्ट्र की अस्मिता से खिलवाड़ करने का पूर्ण प्रयास किया, जातिवाद समाप्त करने के स्थान पर संविधानिक रूप से हिन्दुओं को जातिवाद में बाट दिया, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृृष्ण व माँ दुर्गा आदि को अपमानित करके राक्षस संस्कृति को बढ़ावा दिया, आज भी अम्बेडकर के अनुयायी नवबौद्ध उसके पथ पर चल रहे है, विदेशी धन के बल पर गरीब हिन्दुओं के मनों में अन्य हिन्दुओं के प्रति घृणा के भाव उत्पन्न कर उन्हें बौद्ध बनाया जा रहा है |
मनु ने तो कर्म के आधार पर वर्ण व्यवस्था बनायी थी, जो कर्म के अनुसार बदल जाती थी, लेकिन अम्बेडकर ने तो अंग्रेजों का सहयोग लेकर जन्म के आधार पर जाती व्यवस्था बना दी, जो कर्म के बदल जाने पर भी नहीं बदलती, इसी अम्बेडकर की जन्मना जाती व्यवस्था को मानने वाले राक्षस मूलनिवासी के नाम पर राष्ट्रीय एकता को तोड़ रहे है,
और इन सब कार्यो में उनकी सहायता कर रहे है भारत के गद्दार धर्मनिरपेक्ष व गांधीवादी नेता तथा बिकाऊ मिडिया वाले, जिसके मालिक विदेशों मे बैठकर सौदा कर रहे है और अपने लोगो से यह काम करा रहे हैं
अब तो आपके समझ में आ गया होगा कि यह धर्मनिरपेक्ष नेता व बिकाऊ मीडिया वाले क्या कर रहे है और क्यों कर रहे है।
आप लोगो को गुस्सा आता है इन नेताओं ने हिन्दू विरोधी निर्णय क्यों लिया, अथवा पंथनिरपेक्ष देश भारत में ईसाई, बौद्ध व मुस्लिम आदि गैर हिन्दुओं को सरकारी धन क्यों दिया जा रहा है, क्यों हिन्दुओं द्वारा दिये जाने वाले टैक्स से बौद्ध स्मारक बनवाये जा रहे है, क्यों हज सब्सिडी दी जा रही है ? मीडिया राष्ट्रवादी समाचार क्यों नहीं दिखाता ? मित्रों यह सब तो इनके इनके सुनियोजित सनातन धर्म विरोधी एजेन्डे का एक पार्ट है।
मेरी यह हाथ जोड़कर प्रार्थना है,कृपया इसे समय देकर पढते रहें और शेयर अवश्य करें।
जय श्रीराम
भारत माता की जय
भारत स्वाभिमान दल
हर हाथ में भगवा हो...
जय हिन्दू राष्ट्र ।।
जय श्रीराम
भारत माता की जय
भारत स्वाभिमान दल
हर हाथ में भगवा हो...
जय हिन्दू राष्ट्र ।।
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
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स्वदेशी स्वाभिमान, राष्ट्र- धर्म, संस्कृति की रक्षा व सम्वर्धन, गौ आधारित अर्थव्यवस्था एवं गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था की पुनर्स्थापना के लिए सनातन संस्कृति संघ के सदस्य बने |
🚩भारत स्वाभिमान दल, स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत के पुनर्निर्माण के लिए तथा देश के अमर बलिदानियों के सपनों को पूरा करने के लिए भारत स्वाभिमान दल से जुड़े |
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वन्दे मातरम्
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