रविवार, 3 अप्रैल 2016

स्वदेशी और पर्यावरण सुरक्षा एक दूसरे में निहित है।

स्वदेशी और पर्यावरण सुरक्षा एक दूसरे में निहित है।
प्लास्टिक का इस्तेमाल बन्द करके हम पर्यावरण को सुरक्षित तो करेंगे ही साथ में स्वदेशी रोजगार भी बढ़ायेंगे।
1. प्लास्टिक प्लेट बन्द करके पत्तल इस्तेमाल करें जिससे गरीबों को पत्तल बनाने का रोजगार मिलेगा और पत्तल के लिये लोग अधिक संख्या में पेड़ लगायेंगे।
2. डिस्पोजल गिलास की बजाए कुल्हड़ इस्तेमाल से गरीब कुम्हार को रोजगार मिलेगा।
3. प्लास्टिक पोलोथीन की बजाये कपड़े या कागज का बैग इस्तेमाल करें।
4. फ्रीज़ में प्लास्टिक की बोतल में पानी रखने की बजाये मटकों का इस्तेमाल शुरू करें।
5. चाइनीज़ प्लास्टिक व सन्ताटीक के खिलौने बन्द करें क्योंकि इनको मुँह में लेने से बच्चे बीमार पड़ते है। इनकी बजाये गरीब से लकड़ी,मिट्टी या कपड़ों के सुरक्षित खिलौने खरीदें।
इन छोटी आदतों की शुरुआत खुद से करें।धीरे-2 कारवाँ बढ़ता रहेगा।
अपने घर या आस-पड़ोस में कोई भी कार्यक्रम हो,जागरण,भंडारा,कीर्तन या कोई अन्य कार्यक्रम। उन सभी में पत्तल, कुल्हड़ का इस्तेमाल करें।
ये मत कहिये की मिलते नही क्योंकि व्यापार माँग पर चलता है जिस चीज़ की माँग बढ़ेगी वो अपने आप बाजार में आना शुरू होगी। बस आप माँग पैदा करें अच्छी चीजों की।
वन्दे मातरम्

-विश्वजीत सिंह अनन्त
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
सनातन संस्कृति संघ का सहयोगी संगठन
🚩सनातन संस्कृति संघ ट्रस्ट, सनातन धर्म- संस्कृति व स्वदेशी के प्रचार- प्रसार के लिए कार्यरत संगठन |
स्वदेशी स्वाभिमान, राष्ट्र- धर्म, संस्कृति की रक्षा व सम्वर्धन, गौ आधारित अर्थव्यवस्था एवं गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था की पुनर्स्थापना के लिए सनातन संस्कृति संघ के सदस्य बने |

🚩भारत स्वाभिमान दल, स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत के पुनर्निर्माण के लिए तथा देश के अमर बलिदानियों के सपनों को पूरा करने के लिए भारत स्वाभिमान दल से जुड़े |
भारत स्वाभिमान दल के बारे में अधिक जानने के लिए तथा सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन, राजनैतिक शुचिता व राष्ट्र- धर्म रक्षा के आन्दोलन में तन मन धन से सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भारत स्वाभिमान दल की वेबसाइट पर जाये
http://www.bharatswabhimandal.org/member.php

आप संगठनो से जुड़ने हेतु हमसे 08126396457 पर वाट्सएप्प व हाईक द्वारा भी सम्पर्क कर सकते है |
वन्दे मातरम्

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मित्रों आप यहाँ पर आये है तो कुछ न कुछ कह कर जाए । आवश्यक नहीं कि आप हमारा समर्थन ही करे , हमारी कमियों को बताये , अपनी शिकायत दर्ज कराएँ । टिप्पणी में कुछ भी हो सकता हैं, बस गाली को छोडकर । आप अपने स्वतंत्र निश्पक्ष विचार टिप्पणी में देने के लिए सादर आमन्त्रित है ।