धार्मिक बनिए, अधर्म का नाश करिए, सन्तान को धर्म शिक्षा दीजिये, धर्म व पंथ (सम्प्रदाय) का अन्तर समझाइये, बेटो को राम, कृष्ण, शिवाजी बनाइये, बेटियों को दुर्गा और चंडी बनाइये | साथ ही हमें समझना चाहिए कि शादी करने की उम्र नहीं होती पर बच्चे पैदा करने की एक उम्र होती है | विधर्मी लोग अपने बच्चों का विवाह जल्दी कर देते है | लेकिन हम हिन्दू लोग अपनी बेटी के लिए आत्मनिर्भर या नौकरीपेशा लड़का ही ढूढेंगे जबकि वेल सेट होने में समय लगता है क्योंकि 23 या 25 में तो कैरियर शुरू होता है !! इससे लड़कियो के विवाह में देरी हो जाती है, या कुछ लड़कियाँ गृहस्थी की जिम्मेदारी से कुछ ओर वर्षो तक बचने के लिए जानबूझ कर लड़को को रिजेक्ट कर देती है, लेकिन एक दिन वो लड़की लव जेहाद की शिकार हो जाती है क्योंकि पानी और जवानी अपना रास्ता ढूढ़ ही लेती है ! हिन्दू लड़के सामाजिक अपयश के भय से अपने प्रेम का प्रदर्शन नहीं करते ना किसी लड़की के घर तक पीछा करने का घटिया काम !
ऐसे हालात में मियो को खुला आसमान मिल जाता है !!
लव जेहाद की शिकार अधिकांश मघ्यवर्गीय वर्ग की लडकियाँ ही बनती है, ऊपर से दहेज की समस्या, आज भी कुछ लोग अपने बेटे के विवाह में दहेज मांगते है, जो बहुत ही गलत है, इस दहेज प्रथा को तुरन्त बन्द कर देना चाहिए | सोचिए ! बेटी के मन पर क्या गुजरती होगी अपने बाप की लाचारी को देख के ? हमें दूसरो की 16 साल की बेटी जवान लगती है, लेकिन अपनी 18 साल की जवान बेटी को भी छोटी नादान बच्ची समझते है, तभी उसका सही समय पर विवाह नहीं करते ? हिन्दुओं को अपनी बेटी का विवाह 18 से 20 वर्ष व बेटे का विवाह 21 से 25 वर्ष की उम्र तक कर ही देना चाहिए |
ऐसे हालात में मियो को खुला आसमान मिल जाता है !!
लव जेहाद की शिकार अधिकांश मघ्यवर्गीय वर्ग की लडकियाँ ही बनती है, ऊपर से दहेज की समस्या, आज भी कुछ लोग अपने बेटे के विवाह में दहेज मांगते है, जो बहुत ही गलत है, इस दहेज प्रथा को तुरन्त बन्द कर देना चाहिए | सोचिए ! बेटी के मन पर क्या गुजरती होगी अपने बाप की लाचारी को देख के ? हमें दूसरो की 16 साल की बेटी जवान लगती है, लेकिन अपनी 18 साल की जवान बेटी को भी छोटी नादान बच्ची समझते है, तभी उसका सही समय पर विवाह नहीं करते ? हिन्दुओं को अपनी बेटी का विवाह 18 से 20 वर्ष व बेटे का विवाह 21 से 25 वर्ष की उम्र तक कर ही देना चाहिए |
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारत स्वाभिमान दल
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🚩सनातन संस्कृति संघ ट्रस्ट, सनातन धर्म- संस्कृति व स्वदेशी के प्रचार- प्रसार के लिए कार्यरत संगठन |
स्वदेशी स्वाभिमान, राष्ट्र- धर्म, संस्कृति की रक्षा व सम्वर्धन, गौ आधारित अर्थव्यवस्था एवं गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था की पुनर्स्थापना के लिए सनातन संस्कृति संघ के सदस्य बने |
🚩भारत स्वाभिमान दल, स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत के पुनर्निर्माण के लिए तथा देश के अमर बलिदानियों के सपनों को पूरा करने के लिए भारत स्वाभिमान दल से जुड़े |
भारत स्वाभिमान दल के बारे में अधिक जानने के लिए तथा सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन, राजनैतिक शुचिता व राष्ट्र- धर्म रक्षा के आन्दोलन में तन मन धन से सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भारत स्वाभिमान दल की वेबसाइट पर जाये
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आप संगठनो से जुड़ने हेतु हमसे 08126396457 पर वाट्सएप्प व हाईक द्वारा भी सम्पर्क कर सकते है |
वन्दे मातरम्
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